आलेख -: आचार्य पंडित प्रकाश जोशी गेठिया नैनीताल
इस बार चैत्र नवरात्र दिनांक 19 मार्च 2026 दिन गुरुवार से प्रारंभ होंगे।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त-:
प्रातः 6:54बजे से 10: 30 बजे तक। इस बार माता रानी की सवारी पालकी है। जो संकेत देता है कि इस बार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसका असर संपूर्ण विश्व पर पड़ेगा। देवी भागवत पुराण के अनुसार माता रानी का पालकी पर आने का अर्थ यह है कि देश दुनिया महामारी और बीमारी की चपेट में आ सकती है। वही इसे व्यापार अर्थव्यवस्था और राजनीति के लिए भी शुभ नहीं माना गया है।
देवी भागवत पुराण के अनुसार-
शशि सूर्य गजरुढा शनिभौमे तुरंगमे।गुरौशुक्रेच दौलायां बुधे नौकाप्रकीर्तिता।।
अर्थात यदि चैत्र नवरात्र रविवार या सोमवार से प्रारंभ हो तो माता रानी हाथी पर सवार होकर आती है। यदि शनिवार या मंगलवार से प्रारंभ हो तो घोड़े पर सवार होकर आती है, गुरुवार या शुक्रवार से प्रारंभ हो तो पालकी में सवार होकर आती है, वहीं यदि बुधवार से प्रारंभ हो तो नौका में सवार होकर आती है। वैसे माता रानी का मुख्य वाहन सिंह है इसलिए इसे सिंह वाहिनी भी कहते हैं, परन्तु नवरात्र में माता रानी वाहन बदल बदल कर भूलोक में आतीं हैं। नवरात्रि का विशेष नक्षत्र और योगों के साथ आना मनुष्य जीवन पर खास प्रभाव डालता है, और इसी प्रकार कलश स्थापना के दिन देवी किस वाहन पर विराजित होकर पृथ्वी लोक की ओर आ रही है इसका भी मानव जीवन पर विशेष असर होता है।
कौन से दिन है कौन सा नवरात्र-
19 मार्च 2026 दिन गुरुवार प्रथम नवरात्र।
20 मार्च द्वितीय
21 मार्च तृतीय
22 मार्च चतुर्थ
23 मार्च पंचम
24 मार्च षष्ठी
25 मार्च सप्तम
26 मार्च अष्टमी एवं रामनवमी (शैव सम्प्रदाय) अष्टमी नवमी एक ही दिन मनाई जाएगी।
27 मार्च को वैष्णव लोग राम नवमी पर्व मनायेंगे।28 मार्च नवरात्र व्रत पारायण दशमी। और 29 मार्च को कामदा एकादशी व्रत मनाया जाएगा।



















