ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी
इस बार दिनांक 6 नवंबर 2026 को शुक्र प्रदोष एवं हस्त नक्षत्र में धनतेरस पर्व मनाया जाएगा। जहां शुक्रवार माता लक्ष्मी को समर्पित है वहीं हस्त नक्षत्र का प्रतीक खुला हुआ हाथ या हथेली है जो कौशल शक्ति और आशीर्वाद को दर्शाता है। इस दिन यदि त्रयोदशी तिथि की बात करें तो प्रातः 10:31: बजे से त्रयोदशी तिथि प्रारंभ होगी। यदि हस्त नक्षत्र की बात करें तो यह नक्षत्र अगले दिन प्रातः 4: 43 बजे तक रहेगा। इस दिन चंद्र देव पूर्ण रूप से कन्या राशि में विराजमान रहेंगे।
यदि खरीदारी के मुहूर्त की बात करें तो खरीदारी के लिए प्रदोष काल को सबसे उत्तम समय माना गया है।
यदि पूजा के शुभ मुहूर्त की बात करें
धनतेरस पूजा मुहूर्त सायं 6:02 बजे से 7:57 बजे तक,प्रदोष काल – सायं 5:33 से 8:09 तक,इस शुभ संयोग में कुबेर, धन्वंतरी और मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ेगी। धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा भी है। इस दिन सोना खरीदने के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 7 नवंबर को सुबह 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इस दिन झाड़ू और धनिया का बीज खरीदना ना भूलें।



















